अब कुत्तों के भी बनेंगे आईकार्ड, यह है बड़ी वजह……

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लखनऊ- इन दिनों में उत्तर प्रदेश में सड़क से लेकर संसद तक ‘आवारागर्दी’ पर हंगामा मचा हुआ है। आवारा जानवरों से किसान परेशान हैं और कांग्रेस खूब हो-हल्ला कर रही है। आवारा लड़कों से पुलिस परेशान है, जो खूलेआम भीड़ भरी सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं और कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। आवारा जानवरों और लड़कों के अलावा आवारा कुत्ते भी छोटी मुसीबत नहीं हैं। सड़कों पर आवारा कुत्तों का झुण्ड देखकर हर कोई ठिठक जाता है। कई ऐसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जब आवारा कुत्तों ने छोटे बच्चों को नोच-नोचकर मार ही डाला।
आवारा कुत्तों की इस समस्या से निपटने के लिए वाराणसी नगर निगम ने एक योजना बनाई है। वाराणसी नगर निगम जल्द ही कुत्तों को भी आईकार्ड देने जा रहा है। ताकि पालतू कुत्तों और आवारा कुत्तों में फर्क किया जा सके। इन आईकार्ड में कुत्तों की पूरी पहचान होगी। कुत्तों के आईकार्ड बनाने के लिए वाराणसी नगर निगम बाकायदा एक साफ्टवेयर भी तैयार करवा रहा है।
पालतू कुत्तों का आईकार्ड बन जाने के बाद आवारा कुत्तों की नसबंदी करना भी आसान हो जाएगा। नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार इस साफ्टवेयर के माध्यम से पालतू कुत्तों का रजिस्टेशन किया जाएगा। वाराणसी नगर निगम ने फिलहाल करीब 20 से 30 हजार कुत्तों का रजिस्टेशन करने का लक्ष्य रखा है।

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